IDFC FIRST BANK ने ₹2 करोड़ से कम राशि की FD पर की ब्याज दरों में बढ़ोतरी

निजी क्षेत्र के ऋणदाता IDFC FIRST BANK ने ₹2 करोड़ से कम राशि की FD के लिए ब्याज दरों में वृद्धि की है। IDFC FIRST BANK की ऑफिसियल वेबसाइट के अनुसार, FD पर लगने वाली उच्च ब्याज दरें 16 अगस्त, 2022 से लागू होंगी। नए परिवर्तन के साथ, IDFC FIRST BANK अब 2 साल 1 दिन से 749 दिनों की समयावधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.50% और 750 दिनों में परिपक्व होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.90% की ब्याज दर देगा। इससे पहले यह बैंक 2 साल 1 दिन से 3 साल की समयावधि में मैच्योर होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.50% की ब्याज दर प्रदान करता था।

जानें क्या है IDFC FIRST BANK FD दरें

जानकारी के अनुसार बैंक 7 दिनों से 29 दिनों में परिपक्व होने वाली एफडी पर बैंक 3.50% की ब्याज दर ही जारी रखेगा और 30 दिन से 90 दिनों में मेच्योर होने वाली एफडी पर बैंक 4% की ब्याज दर जारी रखेगा। इसके अलावा IDFC FIRST BANK 91 दिन से लेकर 180 दिनों में परिपक्व होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर 4.50% की ब्याज दर प्रदान करेगा और साथ ही बैंक 181 दिनों से 1 वर्ष की समयावधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर 5.75% ब्याज दर प्रदान करेगा। 1 वर्ष 1 दिन से लेकर 499 दिनों में परिपक्व होने वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.25% की ब्याज दर और 500 दिनों में परिपक्व होने वाली एफडी पर 6.50% की ब्याज दर प्रदान की जाएगी।

जानकारी के अनुसार 2 साल, 1 दिन से लेकर 749 दिनों में मैच्योर होने वाली एफडी पर अब ब्याज दर 6.50% रखी गयी है। इसके अलावा 750 दिनों में परिपक्व होने वाली एफडी के लिए ब्याज दर अब अधिकतम 6.90% रखी गयी है। 751 दिनों से लेकर 5 साल में पूरी होने वाली FD पर IDFC फर्स्ट बैंक से 6.50% की दर से ब्याज प्राप्त होगा। इसके अलावा यह बैंक 5 साल, 1 दिन से 10 साल की समयावधि में मैच्योर होने वाली एफडी पर 6% की ब्याज दर देना जारी रखेगा, जबकि IDFC फ़र्स्ट बैंक टैक्स-सेविंग एफडी पर 6.50% की ब्याज दर दी जाएगी।

इसके साथ ही IDFC FIRST BANK ने अपनी ऑफिसियल वेबसाइट के माध्यम से जानकारी दी है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रोत्साहन उपरोक्त दर से 0.50% की ब्याज दर अतिरिक्त प्रदान की जाएगी और एनआरओ फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए उपलब्ध नहीं होगा। 180 दिनों तक की ब्याज दरें “साधारण ब्याज” के आधार पर रखी गयी हैं और 180 दिनों से अधिक की समयावधि पर चक्रवृद्धि ब्याज तिमाही आधार पर देय है।

IDFC FIRST BANK ने अपनी ऑफिसियल वेबसाइट पर यह जानकारी भी दी है कि चक्रवृद्धि ब्याज और पुनर्निवेश ब्याज की गणना हर तिमाही में की जाती है और इसे ग्राहक के मूलधन में इस तरह से जोड़ा जाता है कि पिछली तिमाही में अर्जित ब्याज पर भी ब्याज का भुगतान किया जाता है और इससे ग्राहकों को फायदा मिलता है। मासिक ब्याज भुगतान प्राप्त करने वाली जमाओं के लिए, ब्याज की गणना तिमाही हिसाब से की जाएगी और मासिक भुगतान मानक एफडी दर पर रियायती दर पर किया जाएगा।

इसके अलावा अगर एफडी मेच्योर होने से पूर्व ही बैंक से निकाल ली जाये तो इसके लिए बैंक 1% का जुर्माना लगाता है। इसके अलावा एफडी के समय से पहले बंद होने की स्थिति में फिक्स्ड डिपॉजिट की बुकिंग के समय लागू ब्याज दर के आधार पर जिस अवधि के लिए जमा बैंक के पास रहा है ब्याज का भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही समय से पहले बंद होने पर एफडी की तारीख पर बैंक द्वारा निर्धारित ‘समयपूर्व समापन दंड’ के अधीन होगा। इसके साथ ही IDFC FIRST BANK ने अपनी ऑफिसियल वेबसाइट पर कहा है कि जुर्माना लगाने के बाद, उस पर ब्याज का भुगतान उस अवधि के लिए किया जाएगा, जिसके लिए जमा राशि बैंक के पास रही है।

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