कोरोना-इबोला से ज्यादा खतरनाक है मारबर्ग वायरस (Marburg Virus), जानें इसके लक्षण-बचाव-इलाज

घाना ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रयोगशाला द्वारा पहले परीक्षण के परिणामों की पुष्टि के बाद देश में Marburg Virus रोग के पहले मामले की घोषणा की है। दक्षिणी आशांती क्षेत्र के दो लोगों में इबोला जैसी बीमारी का पता चला था। घाना स्वास्थ्य सेवा (GHS) ने कहा कि उनके रक्त के नमूने सेनेगल के पाश्चर इंस्टीट्यूट में भेजे गए जहां निदान (diagnosis) की पुष्टि हुई। जीएचएस के प्रमुख पैट्रिक कुमा-अबोग्ये ने जानकारी दी कि यह पहली बार है जब घाना ने Marburg Virus Disease की पुष्टि हुई है।

जानकारी के अनुसार Marburg Virus भी इबोला (ebola) के जैसे ही बहुत घातक है और अभी तक वैज्ञानिकों को इस बीमारी का इलाज या टीका नहीं मिला है। इसके मुख्य लक्षण हैं- तेज बुखार के साथ-साथ आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव। जो लोग Marburg Virus के संपर्क में आते हैं उन्हें अचानक तेज बुखार और गंभीर सिरदर्द होता है। जीएचएस (GHS) ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि अधिकारियों ने रोगियों के करीबी संपर्कों के रूप में लगभग 100 लोगों की पहचान करने के बाद उन्हें क्वारंटीन कर दिया है और साथ ही कहा कि देश में अभी तक मारबर्ग का कोई अन्य मामला सामने नहीं आया है।

डब्ल्यूएचओ (WHO) ने जानकारी दी है कि यह बीमारी, इबोला की तरह है और यह फलों के चमगादड़ों द्वारा लोगों के संपर्क में आता है और संक्रमित लोगों से किसी भी पदार्थ के सीधे संपर्क के माध्यम से लोगों में फैलता है। घाना के दक्षिणी अशांति क्षेत्र के दो रोगियों के सैम्पल्स को एनालिसिस किया गया और दोनों रोगियों के सैम्पल्स एक दूसरे से बिलकुल अलग थे और दोनों की मृत्यु हो गई थी। WHO ने पहले जानकारी दी थी कि मारबर्ग वायरस की मृत्यु दर 24% से 88% तक है।

Marburg Virus के लक्षण

  • WHO के अनुसार, इस संक्रमण से लक्षणों की शुरुआत तक का अंतराल 2 से 21 दिनों तक अलग-अलग होता है।
  • मारबर्ग वायरस से होने वाली बीमारी तेज बुखार, तेज सिरदर्द और गंभीर अस्वस्थता के साथ अचानक शुरू हो जाती है।
  • मांसपेशियों में दर्द और दर्द एक आम विशेषता है। तीसरे दिन गंभीर पानी जैसा दस्त, पेट में दर्द और ऐंठन, मतली और उल्टी शुरू हो सकती है और दस्त एक सप्ताह तक बना रह सकता है।
  • इस चरण में रोगी के चेहरे पर गहरी-गहरी आंखें, मायूस चेहरा और बहुत ज्यादा सुस्ती दिखने लगती है।

निदान (Diagnosis)

  • पुष्टि है कि लक्षण Marburg वायरस के संक्रमण के कारण की जांच नीचे दी गयी Diagnosis ​​विधियों का उपयोग करके की जाती है।
  • एंटीबॉडी-कैप्चर एंजाइम-लिंक्ड इम्युनोसॉरबेंट परख (एलिसा)
  • एंटीजन-कैप्चर डिटेक्शन टेस्ट
  • सीरम न्यूट्रलाइजेशन टेस्ट
  • रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन (आरटी-पीसीआर) परख
  • इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी
  • सेल कल्चर द्वारा वायरस आइसोलेशन।

Marburg Virus से बचने के लिए इलाज

वर्तमान में, एमवीडी के लिए कोई टीका या एंटीवायरल उपचार नहीं मिला है। हालांकि, रोगी की सही प्रकार से देखभाल की जाये और खाने पीने के लिए तरल पदार्थों का ध्यान रखने पर रोगी के विशिष्ट लक्षणों में सुधार हो सकता है।

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