टैक्स बचाने के लिए PPF Account में डाल सकते हैं पैसे, जानें कितने रुपये की मिल सकती है छूट

जैसे की हम जानते हैं कि पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF Account ) investment का एक बहुत अच्छा माध्यम है। इसके तहत अब निवेश की अवधि दोगुनी हो गई है। इससे निवेशक के इनकम टैक्स में बचत होगी और साथ ही अच्छा रिटर्न भी प्राप्त होगा। यानी कि PPF निवेश का एक ऐसा माध्यम है, जिसमें निवेशक को अच्छा रिटर्न के साथ-साथ टैक्स में भी छूट मिलती है। यह निवेश E-E-E कैटेगरी के तहत आता है, इसका मतलब यह है कि निवेशक को निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट तीनों में से किसी पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है। PPF में निवेश करने पर निवेशक को सही ब्याज दर के साथ-साथ 1.5 लाख रुपये तक के वार्षिक निवेश पर टैक्स में छूट मिलती है। इस कारण लोग PPF में निवेश करके बेफिक्र रहते हैं।

क्या है triple tax benefit scheme?

Public Provident Fund (PPF) एक बहुत ही लोकप्रिय लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान ( long term investment plan ) है जो केंद्र सरकार द्वारा समर्थित है। PPF account पर गारंटीड और टैक्स फ्री रिटर्न (tax free returns) मिलता है और वो भी आकर्षक ब्याज दरों के साथ। यही वजह है कि ज्यादातर कामकाजी लोग PPF में जरूर निवेश करना चाहते हैं। PPF को ट्रिपल टैक्स बेनिफिट स्कीम (triple tax benefit scheme ) कहा जाता है क्योंकि इसमें निवेश, मूलधन और रिटर्न मनी पर कोई ब्याज नहीं लगता है। triple tax benefit scheme का मतलब है कि एक साल में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश, उस पर अर्जित ब्याज और अंत में मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता है।

आप चाहें तो अपने बच्चे या जीवनसाथी के PPF account में भी पैसा जमा कर टैक्स बचा सकते हैं। लेकिन इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि निवेश की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये हो। यह कुल 1.5 लाख रुपये या तो अपने खुद के PPF account में जमा करें या बच्चे या पति या पत्नी के खाते में जमा करें। इस 1.5 लाख रुपये पर मिलेगा टैक्स छूट का फायदा, चाहे आप अलग-अलग खातों में कितनी भी रकम जमा कर लें

PPF अकाउंट में करें 1.5 लाख रूपये तक का निवेश

जैसा कि हम जानते ही हैं कि PPF में निवेशकों को asured return के साथ-साथ आयकर के सेक्शन 80C के तहत निवेशक को कुल 1.5 लाख रुपये तक के निवेश करने पर आयकर में छूट मिलती है। Tax experts के अनुसार अगर PPF में निवेश करने वाला व्यक्ति शादीशुदा है, तो वह अपनी पत्नी/पति के नाम पर PPF खाता खुलवा कर उसमें भी अलग से 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। अगर निवेशक अपने पति या पत्नी के नाम पर PPF खाता खोलते हैं तो पीपीएफ निवेश की सीमा भी दोगुनी हो जाती है, यानी कि निवेशक 3 लाख रूपये तक निवेश कर सकते हैं।

हालांकि निवेश की सीमा बढ़ने पर भी इनकम टैक्स में छूट की लिमिट 1.5 लाख रुपये ही रहती है। इसके अलावा पीपीएफ में निवेश करने के कई अन्य फायदे भी हैं। जैसे कि पीपीएफ निवेश की सीमा दुगुनी यानी कि 3 लाख रुपये तक हो जाती है। E-E-E कैटेगरी के अंतर्गत आने के कारण निवेशक को पीपीएफ के ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंटपर भी Tax में छूट दी जाती है। आयकर के Section 64 के तहत निवेशक और उसके पार्टनर जिसका खाता है, के पास जो कुल राशि होगी जैसे कि दी गई किसी राशि या गिफ्ट में प्राप्त आय/राशि निवेशक की आय जोड़ी जाएगी।

इसके अलावा जब निवेशक के पार्टनर का पीपीएफ (PPF) खाता मैच्योर होगा, तब निवेशक के पार्टनर के PPF खाते में निवेशक की शुरुआती जमा की गयी राशि से प्राप्त आय को निवेशक की आय में हर साल जोड़ा जाएगा। इसी वजह से यह विकल्प केवल शादीशुदा लोगों को पीपीएफ खाते में जमा की गयी राशि को दुगुना करने का अवसर प्रदान करता है। यह स्कीम विशेषकर उन सभी लोगों के लिए है जो ज्यादा जोखिम उठाना नहीं चाहते हैं। इसके अलावा जुलाई से सितंबर यानी कि तीन महीने के लिए PPF की ब्याज दर 7.1% निर्धारित की गई है।

क्या है टैक्स का नियम?

इनकम टैक्स एक्ट ( Income Tax Act) की धारा 80C के तहत PPF में निवेश पर 1.5 लाख रुपये तक के खर्च पर टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, यदि आपने अपने PPF खाते में 1 लाख रुपये जमा किए हैं और 1 लाख रुपये अपने बच्चे के PPF account में जमा किए हैं। लेकिन जब आप रिटर्न दाखिल करेंगे तो आप दोनों खातों के लिए 1.5 लाख रुपये की कर छूट का दावा कर सकेंगे न कि 2 लाख रुपये के लिए। पहले यह सीमा सिर्फ 1 लाख रुपये थी, लेकिन 2014 में इसे बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया।

इस बजट में धारा 80सी के तहत 1.5 लाख की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है क्योंकि निवेश के मामले में यह सीमा कम पड़ रही है। धारा 80सी के तहत PPF होने के कारण इसमें अधिकांश छूट का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद इसमें बीमा का प्रीमियम (premium of insurance ) भी आता है। इसी को देखते हुए बीमा उद्योग सरकार से धारा 80C की सीमा बढ़ाने और जीवन बीमा के लिए अलग सेक्शन लाने की मांग कर रहा है. अगर 1.5 लाख रुपये की सीमा बढ़ाई जाती है तो बैंकों और डाकघरों में बढ़ी हुई सीमा के अनुसार अतिरिक्त निवेश शुरू हो सकता है.

PPF की विशेषताएं

PPF 7.1 फीसदी का सालाना रिटर्न देता है। इसमें खाता खोलने के बाद 15 साल की लॉक-इन अवधि होती है, जिसे मैच्योरिटी के बाद 5 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। अगर आप पीपीएफ में जमा राशि के एवज में लोन लेना चाहते हैं तो खाता खुलवाने के 3 से 6 साल के अंदर लोन ले सकते हैं। अगर PPF account लगातार 5 साल तक चलता है तो खाताधारक इसे समय से पहले बंद करने का हकदार होता है। खाता खोलने के 6 साल बाद PPF से कुछ पैसे निकाले जा सकते हैं, जिसे आंशिक निकासी कहते हैं। खाता खोलने के चौथे वर्ष में, खाताधारक कुल जमा राशि का 50% समय से पहले निकासी के रूप में निकाल सकता है। एक वर्ष में अधिकतम 12 बार पैसा जमा किया जा सकता है।

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